काली खांसी से जल्दी कैसे छुटकारा मिलता है?HealthPlanet

Posted on Thu 22nd Dec 2022 : 13:54

पर्टुसिस वैक्सीन, जिसे अक्सर दो अन्य गंभीर बीमारियों - डिप्थीरिया और टेटनस के खिलाफ टीकों के साथ दिया जाता है - काली खांसी को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है। टीकाकरण शैशवावस्था के दौरान दिया जाना चाहिए।

1. लहसुन

सामग्री :

लहसुन की 3 से 4 कलियां
शहद (वैकल्पिक)

उपयोग का तरीका :

लहसुन की कलियों को कूचल कर रस निकाल लें।
इसके बाद लहसुन से निकलने वाले रस का सेवन करें।
स्वाद के लिए इसमें शहद भी मिला सकते हैं।

कैसे लाभदायक है :

लहसुन का उपयोग न सिर्फ घरेलू मसाले के रूप में बल्कि अच्छी सेहत के लिए भी किया जा सकता है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के मुताबिक लहसुन का उपयोग काली खांसी के साथ फेफड़े से जुड़े विकारों के लिए किया जा सकता है। वहीं, इसी शोध में जिक्र मिलता है कि लहसुन में प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय करने वाले और संक्रमण से बचाने वाले एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं। लहसुन के इन्हीं गुण के कारण काली खांसी के बैक्टीरिया के खिलाफ इसका इस्तेमाल किया जा सकता है

2. अदरक

सामग्री :

अदरक के एक-दो छोटे टुकड़े
स्वादानुसार शहद (वैकल्पिक)

उपयोग का तरीका :

अदरक का पेस्ट बना लें।
पेस्ट से अदरक का रस निकालें और इसका रोजाना सेवन करें।
स्वाद के लिए इसमें आधा चम्मच शहद मिला सकते हैं।

कैसे लाभदायक है :

अदरक का उपयोग स्वाद के साथ ही सेहत के लिए भी किया जा जाता है। इससे जुड़े एक शोध में पाया गया कि अदरक ग्राम-नेगेटिव बैक्टीरिया (Gram-negative bacteria) के खिलाफ एंटीबैक्टीरियल प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है। वहीं, काली खांसी का बैक्टीरिया भी एक ग्राम नेगेटिव बैक्टीरिया ही है, इसलिए माना जा सकता है कि अदरक काली खांसी के बैक्टीरिया से लड़ने का काम कर सकता है। घर में ही कुकर खांसी का इलाज करने के लिए अदरक को बताए गए तरीके से इस्तेमाल में ला सकते हैं
3. हल्दी

सामग्री :

1 चम्मच हल्दी
1 गिलास गर्म दूध

उपयोग का तरीका :

एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच हल्दी डालें।
चम्मच की मदद से हल्दी को दूध में अच्छी तरह मिलाएं।
इसका एक हफ्ते तक या खांसी ठीक होने तक रोजाना सेवन कर सकते हैं।

कैसे लाभदायक है :

काली खांसी से आराम पाने के लिए हल्दी का उपयोग किया जा सकता है। दरअसल, इससे जुड़े एक शोध में जिक्र मिलता है कि हल्दी सामान्य खांसी से लेकर सूखी खांसी में थेराप्यूटिक (Therapeutic) प्रभाव दिखा सकती है। वहीं, एक अन्य शोध में जिक्र मिलता है कि कच्ची हल्दी का उपयोग काली खांसी के साथ ही अन्य खांसी और डिस्पेनिया (सांस लेने में कठिनाई) में फायदेमंद हो सकता है ।
4. तुलसी के पत्ते

सामग्री :

तुलसी के कुछ पत्ते
काली मिर्च के कुछ दाने
शहद की कुछ बूंदें

उपयोग का तरीका :

तुलसी और काली मिर्च की बराबर मात्रा को एक साथ पीस लें।
अब इस पेस्ट में थोड़ा शहद मिला लें।
अब इसकी छोटी-छोटी गोलियां बनाएं।
दिन में चार बार इस गोली का सेवन करें।

कैसे लाभदायक है :

तुलसी का उपयोग काली खांसी के दौरान लाभदायक साबित हो सकता है। दरअसल, इससे जुड़े एक शोध के अनुसार, तुलसी का उपयोग खांसी के लिए किया जा सकता है। साथ ही शोध में इस बात का भी जिक्र मिलता है कि कई आयुर्वेदिक कफ सिरप में इसे बतौर मुख्य सामग्री प्रयोग किया जाता है। वहीं, काली खांसी के दौरान इसका उपयोग एंटीस्पास्मोडिक (मांसपेशियों में ऐंठन से राहत पाने के लिए) के रूप में भी किया जा सकता है । इसके अलावा, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में पाया गया कि तुलसी में एंटीमाइक्रोबियल (बैक्टीरिया को नष्ट करने वाला) और इम्यूनोमॉड्यूलेटरी (इम्यून सिस्टम को रेगुलेट करने वाला) गुण भी मौजूद होता है । ऐसे में हम कह सकते हैं कि तुलसी का उपयोग काली खांसी के बैक्टीरिया से लड़ने और इससे राहत पाने के लिए किया जा सकता है।

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